Highlights:
- भारत-बांग्लादेश संबंधों में बढ़ा तनाव
- इंदिरा-मुजीब समझौते का बांग्लादेश ने उल्लंघन किया
- त्रिपुरा सीमा के पास बनाया 1.5 किमी लंबा बांध
- जीरो लाइन के बेहद नजदीक किया गया निर्माण
- केंद्रीय गृह मंत्रालय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
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बेतुलहब न्यूज़ डेस्क:
भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में एक बार फिर से तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। ताजा मामला त्रिपुरा सीमा से जुड़ा है, जहां बांग्लादेश ने इंदिरा-मुजीब समझौते का उल्लंघन करते हुए एक विवादित बांध का निर्माण शुरू कर दिया है। यह बांध मुहुरी नदी के पास बनाया जा रहा है, जिससे भारतीय इलाके में बाढ़ का खतरा काफी बढ़ गया है।

इस बांध की लंबाई करीब 1.5 किलोमीटर और ऊंचाई 20 फीट बताई जा रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह बांध अंतरराष्ट्रीय सीमा की जीरो लाइन से मात्र 50 गज की दूरी पर बनाया जा रहा है, जबकि कई स्थानों पर यह दूरी केवल 10 गज ही है।
स्थानीय विधायक दिपांकर सेन ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने बताया कि भारत और बांग्लादेश के बीच वर्ष 1971 के बाद इंदिरा गांधी और शेख मुजीबुर रहमान के बीच हुए एक ऐतिहासिक समझौते के अनुसार, जीरो लाइन से 150 गज के दायरे में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य प्रतिबंधित है।
हालांकि, बांग्लादेश सरकार द्वारा इस नियम की अनदेखी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है, जिससे भारत की सुरक्षा और स्थानीय जनजीवन पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। स्थानीय लोग इस विकास को लेकर चिंतित हैं और सरकार से कड़ी प्रतिक्रिया की अपेक्षा कर रहे हैं।









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