Highlights:
- मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून के विरोध में हिंसक प्रदर्शन।
- प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर किया पथराव, 10 से ज्यादा जवान घायल।
- ममता सरकार के मंत्री के बयान के बाद भड़की हिंसा।
- बीजेपी ने टीएमसी पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।
- शाहीनबाग जैसे लंबे प्रदर्शन की रणनीति पर शक।
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मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक हो गया है। भीड़ ने पुलिस पर ईंट-पत्थरों से हमला किया, जिसमें 10 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव बना हुआ है। हिंसा ऐसे समय पर हुई है जब राज्य में चुनाव नजदीक हैं और नेताओं के भड़काऊ बयान माहौल को और बिगाड़ रहे हैं।
विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री सिद्दीकुल्ला चौधरी ने सड़कों को घेरने और 50 जगहों पर 10,000 लोगों को बिठाने की धमकी दी थी। उन्होंने खुलेआम एलान किया था कि वे राज्य में वक्फ संशोधन कानून का विरोध करेंगे। उनके इस बयान के कुछ घंटे बाद ही मुर्शिदाबाद के सुती इलाके में प्रदर्शनकारियों ने एक पुलिस वाहन पर हमला कर दिया।

बीजेपी ने इस पूरे घटनाक्रम को ममता बनर्जी की ‘वोट बैंक पॉलिटिक्स’ का नतीजा बताया है। प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि ममता सरकार ने कुछ कट्टरपंथियों के सामने सरेंडर कर दिया है और राज्य को अराजकता की ओर धकेल रही है।
सूत्रों के मुताबिक, मुस्लिम बहुल इलाकों जैसे मालदा, मुर्शिदाबाद, नादिया और हुगली में भी इसी तरह के प्रदर्शनों की तैयारी की जा रही है। इनमें महिलाओं और युवाओं को सामने रखकर लंबे समय तक सड़कों पर डटे रहने की योजना है, जैसा दिल्ली के शाहीनबाग में देखा गया था।
बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने चेतावनी दी है कि अगर टीएमसी शाहीनबाग जैसी रणनीति अपनाएगी तो वे भी जवाब में रैलियां और धार्मिक यात्राएं निकालेंगे। इससे साफ है कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक टकराव और गहराने वाला है।









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