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हाइलाइट्स:
- उज्जैन व्यापार मेले में 35,000 से ज्यादा गाड़ियों की बिक्री
- सरकार को 176 करोड़ रुपये का मिला रेवेन्यू
- 9 लाख रुपये में बिका एक वीआईपी नंबर
- 50% टैक्स छूट से लोगों ने उठाया भरपूर फायदा
- बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज़, ऑडी जैसी लग्ज़री गाड़ियों की जबरदस्त बिक्री
उज्जैन, मध्यप्रदेश:
उज्जयिनी विक्रम व्यापार मेला 2025 ने इस बार इतिहास रच दिया है। उज्जैन में आयोजित इस मेले में करीब 35,000 गाड़ियाँ बेची गईं, जिससे सरकार को 176 करोड़ रुपये का रेवेन्यू प्राप्त हुआ। पिछले साल की तुलना में इस बार गाड़ियों की बिक्री और राजस्व, दोनों में बड़ा उछाल देखने को मिला।
2024 में शुरू हुआ था मेला:
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर 2024 में उज्जैन में इस मेले की शुरुआत की गई थी। शुरुआत में किसी को अंदाजा नहीं था कि यह मेला इतनी तेज़ी से लोकप्रिय हो जाएगा। अब यह मेला प्रदेश ही नहीं, पूरे देश में अपनी पहचान बना चुका है।

230 डीलरों और 152 कंपनियों की भागीदारी:
इस वर्ष मेला इंजीनियरिंग कॉलेज मैदान में आयोजित किया गया, जिसमें 230 डीलर और शोरूम मालिकों ने रजिस्ट्रेशन कराया। 152 ऑटो कंपनियों ने भी भागीदारी की। देशभर से लोग मेले में पहुंचे और अपनी पसंदीदा गाड़ियाँ खरीदीं।
टैक्स में 50% छूट, VIP नंबर के लिए लगी 9 लाख की बोली:
आरटीओ संतोष मालवीय के अनुसार, मेले में गाड़ियों की बिक्री पर 50% टैक्स छूट दी गई थी, जिसका लोगों ने भरपूर फायदा उठाया। कुछ खरीदारों ने अपने पसंदीदा VIP नंबर के लिए बड़ी बोली लगाई, जिसमें एक नंबर 9 लाख रुपये में बिका।
लग्ज़री गाड़ियों की बढ़ती मांग:
मेले में इस बार बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज़, ऑडी जैसी हाई-एंड गाड़ियों की भी जमकर बिक्री हुई, जो दर्शाता है कि लोगों का रुझान अब लग्ज़री गाड़ियों की ओर भी तेजी से बढ़ रहा है।
निष्कर्ष:
केवल दो वर्षों में उज्जैन का यह व्यापार मेला ना केवल ग्वालियर मेले को पीछे छोड़ चुका है, बल्कि एक नया बेंचमार्क भी स्थापित कर चुका है। यह मेला उज्जैन की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक ताकत का प्रतीक बन चुका है।









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