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इजरायली हमला, गाज़ा पट्टी, आपातकालीन दल, पत्रकारों की मौत, मानवीय संकट
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गाज़ा पर इजरायली हमले में मौत की दहशत: ‘पापा मेरी मदद करो…’, आखिरी सांस तक गुहार लगाते रहे लोग
गाज़ा पट्टी एक बार फिर खून से लाल हो गई है। इजरायली रक्षा बल (IDF) द्वारा किए गए हालिया हमले में दिल दहला देने वाले दृश्य सामने आए हैं। एक वीडियो में 21 वर्षीय पैरामेडिक मोहम्मद गोलियों की बौछार के बीच अपने पिता से कहता है – “मेरे पास आओ पापा, मेरी मदद करो…” और फिर कॉल कट जाती है।

इजरायली हमला और पत्रकारों की मौत
सोमवार देर रात इजरायली सेना ने खान यूनिस के नासेर अस्पताल और दीर अल-बला के अल-अक्सा शहीद अस्पताल के पास लगे मीडिया तंबुओं पर हमला किया। इस हमले में फलस्तीन टुडे के पत्रकार यूसुफ अल-फकावी समेत दो लोगों की मौत हुई, जबकि 6 पत्रकार घायल हो गए।
IDF का दावा और विरोध
इजरायल का कहना है कि जिन वाहनों को निशाना बनाया गया, वे बिना हेडलाइट के संदिग्ध तरीके से बढ़ रहे थे और उन पर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का शक था। हालांकि, मारे गए आपातकालीन कर्मचारियों के परिजनों और साथियों ने इन आरोपों को नकारते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की है।
मानवीय संकट और बेघर लोग
मार्च से ही इजरायल ने गाज़ा में खाद्य, दवा और ईंधन की आपूर्ति रोक दी है। करीब 18 महीनों से जारी इस युद्ध ने हजारों लोगों को बेघर कर दिया है, जो अब अस्पताल परिसरों के बाहर तंबुओं में शरण लिए हुए हैं।
हॉस्पिटल स्टाफ का दर्द
बमबारी और गोलीबारी के बीच कई डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ मदद की गुहार लगाते दिखे। रिपोर्ट के मुताबिक, एक ही रात में 6 महिलाओं और 4 बच्चों सहित 13 शव बरामद हुए।









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