भारत के वक़्फ़ संशोधन क़ानून पर पाकिस्तान और बांग्लादेश की तीखी प्रतिक्रिया, विरोध प्रदर्शन तेज
Tamanna
हाइलाइट : वक़्फ़ संशोधन विधेयक, मुस्लिम समुदाय, बांग्लादेश इस्लामी छात्रशिबिर, पाकिस्तानी मीडिया, प्रदर्शन
भारत में पास हुए वक़्फ़ संशोधन विधेयक पर देश के भीतर विरोध के साथ-साथ अब अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान और बांग्लादेश ने इस कानून पर कड़ी आपत्ति जताई है। कई संगठनों ने इसे मुस्लिम समुदाय के खिलाफ़ एकतरफा कदम करार दिया है।
बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन और बयानबाज़ी
बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी और बांग्लादेश इस्लामी छात्रशिबिर ने इस विधेयक की आलोचना करते हुए बयान जारी किया। प्रोफेसर मिया गोलम पोरवार, जमात-ए-इस्लामी के महासचिव और पूर्व सांसद ने कहा,
“यह विधेयक मोदी सरकार की मुस्लिम विरोधी नीति का हिस्सा है। वक़्फ़ की संपत्तियों जैसे मस्जिदों, मदरसों और कब्रिस्तानों पर अब सरकार का हस्तक्षेप बढ़ेगा।”
बांग्लादेश इस्लामी छात्रशिबिर के प्रेसिडेंट जाहिदुल इस्लाम और सेक्रेटरी जनरल नुरुल इस्लाम सद्दाम ने भी विधेयक को अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला बताया।
ढाका में शाहबाग क्षेत्र में छात्रशिबिर की मेट्रोपॉलिटन इकाई ने मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन किया। इसमें कई विश्वविद्यालयों के छात्र नेता भी शामिल हुए।
पाकिस्तान में मीडिया और विश्लेषकों की तीखी प्रतिक्रिया
पाकिस्तानी मीडिया, जैसे कि डॉन और द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने इस क़ानून को भारत में मुस्लिमों के अधिकारों पर हमला बताया। डॉन ने लिखा,
“सरकार की नज़र अब वक़्फ़ संपत्तियों पर है। इसका मक़सद प्रशासनिक दक्षता नहीं बल्कि समुदाय को कमज़ोर करना है।”
विश्लेषक डॉ. क़मर चीमा ने ARY News पर कहा,
“यह सेक्युलरिज्म नहीं, बल्कि हिंदू मैजोरिटेरियनिज्म है। वक़्फ़ बोर्ड्स पर नियंत्रण करके मुसलमानों की धार्मिक आज़ादी को सीमित किया जा रहा है।”
वक़्फ़ संशोधन विधेयक की मुख्य बातें
वक़्फ़ बोर्ड और सेंट्रल वक़्फ़ काउंसिल में अब दो गैर-मुस्लिम सदस्य अनिवार्य किए गए हैं।
आलोचकों का कहना है कि इससे धार्मिक पवित्रता और मुस्लिमों की स्वायत्तता पर असर पड़ेगा।
सरकार का दावा है कि यह विधेयक प्रशासनिक पारदर्शिता और ज़िम्मेदारी बढ़ाने के लिए लाया गया है।
भारत में वक़्फ़ संपत्तियों का आंकड़ा
भारत में वक़्फ़ बोर्ड के पास लगभग 8.7 लाख संपत्तियां हैं।
ये संपत्तियां लगभग 9.4 लाख एकड़ ज़मीन में फैली हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 1.2 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
दुनिया में भारत के पास सबसे ज़्यादा वक़्फ़ संपत्तियां हैं।
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