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PM मोदी, मोहम्मद यूनुस, बांग्लादेश अंतरिम सरकार, शेख हसीना, अल्पसंख्यकों पर हमले, प्रत्यर्पण, द्विपक्षीय संबंध, बयानबाज़ी
Article for BETULHUB:
PM मोदी और यूनुस की मुलाकात पर बांग्लादेश की सियासत में उबाल, शेख हसीना के प्रत्यर्पण पर बयानबाज़ी से विवाद
बैंकॉक में हुई PM मोदी और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस की मुलाकात के बाद राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है। इस मुलाकात के तुरंत बाद यूनुस के प्रेस सचिव शफीकुल आलम द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए बयान ने विवाद को और गहरा कर दिया।
आलम ने दावा किया कि यूनुस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया था, जिस पर मोदी की प्रतिक्रिया नकारात्मक नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि PM मोदी ने शेख हसीना के यूनुस के प्रति अपमानजनक व्यवहार का ज़िक्र किया।
हालांकि भारतीय सूत्रों ने इस दावे को भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए खारिज कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, PM मोदी ने यूनुस द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर यह कहकर प्रतिक्रिया दी कि “इन मामलों पर हमारे विदेश मंत्रियों के बीच बेहतर चर्चा हो सकती है।” उन्होंने भारत-बांग्लादेश के द्विपक्षीय संबंधों में 2014 से अब तक हुई प्रगति को भी रेखांकित किया और दोनों देशों के लोगों के बीच गहरी दोस्ती का उल्लेख किया।
PM मोदी ने लोकतंत्र में चुनावों के महत्व पर ज़ोर देते हुए यह भी कहा कि इस विषय में लगातार टालमटोल से मुख्य सलाहकार की साख को नुकसान पहुंचेगा। साथ ही, उन्होंने बांग्लादेश के हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर भारत की गहरी चिंता से भी यूनुस को अवगत कराया।
भारतीय पक्ष की ओर से यह भी कहा गया कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार द्वारा दिए गए बयान, खासकर शेख हसीना के प्रत्यर्पण और अल्पसंख्यकों पर हमलों को लेकर की गई टिप्पणियां, जमीनी सच्चाई से कोसों दूर हैं।
गौरतलब है कि शेख हसीना पिछले साल अगस्त में तथाकथित छात्र आंदोलन के बाद ढाका छोड़कर दिल्ली आई थीं, और तब से यहीं किसी सुरक्षित स्थान पर रह रही हैं। बांग्लादेश सरकार ने उनके प्रत्यर्पण के लिए कई बार भारत से अनुरोध किया है, लेकिन नई दिल्ली की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
बैठक के दौरान, PM मोदी ने आग्रह किया कि “माहौल को खराब करने वाली बयानबाज़ी से बचना चाहिए,” और आशा जताई कि बांग्लादेश सरकार अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाएगी।




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