Highlighted Words: रामजी लाल सुमन, करणी सेना, हमला, सपा सांसद, प्रशासन
आगरा: राणा सांगा विवाद में करणी सेना द्वारा किए गए हमले के बाद, पहली बार सपा सांसद और राष्ट्रीय महासचिव रामजी लाल सुमन अपने आवास पहुंचे। इस दौरान उनके तेवर बेहद सख्त दिखे। उन्होंने साफ कहा कि अगर प्रशासन सुरक्षा नहीं दे सकता तो उन्हें छूट दे दी जाए, वे खुद निपट लेंगे।
परिसर में दिखे हमले के निशान
शुक्रवार दोपहर 3:40 बजे जब वे दिल्ली से अपने आगरा आवास पहुंचे, तो घर के बाहर टूटी कुर्सियां, क्षतिग्रस्त खिड़कियां और गाड़ियां देखी गईं। सुरक्षा के मद्देनजर चुनिंदा समर्थकों को ही उनके पास जाने दिया गया।

‘यह हमला केवल मुझ पर नहीं, पूरे समाज पर है’
अंदर बातचीत के दौरान रामजी लाल सुमन ने कहा, “लोकतंत्र में हर किसी को अभिव्यक्ति का अधिकार है, लेकिन किसी के घर पर हमला करना गुंडई और जंगलराज है।” उन्होंने इसे केवल अपने ऊपर नहीं, बल्कि पिछड़ों, दलितों और शोषितों के खिलाफ मानसिकता का हमला बताया।
करणी सेना के नए ऐलान पर सख्त रुख
12 अप्रैल को करणी सेना द्वारा फिर से आगरा आने की घोषणा पर सपा सांसद ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी सोशल मीडिया से मिली। उन्होंने प्रशासन से व्यवस्था बनाने का अनुरोध किया और कहा कि अगर वे असमर्थ हैं, तो उन्हें खुली छूट दे दी जाए।
सदन में नहीं रख सके अपनी बात
उन्होंने बताया कि वे प्रो. रामगोपाल यादव और जावेद अली के साथ सभापति से मिले थे। सदन में यह मुद्दा उठाया भी गया, लेकिन अव्यवस्था के कारण वे अपनी बात पूरी तरह नहीं रख सके।
आगे की रणनीति संगठन तय करेगा
सांसद ने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से कुछ नहीं कह सकते, क्योंकि संगठन ही आगे की रणनीति तय करेगा। वे संगठन के निर्णय के अनुरूप ही कार्य करेंगे।
INDIA गठबंधन का समर्थन, सदन से वाकआउट
INDIA गठबंधन इस मुद्दे पर पूरी तरह से एकजुट है। शुक्रवार को सभी विपक्षी दलों ने मिलकर लोकसभा और राज्यसभा से वाकआउट किया। उन्होंने कहा कि राणा सांगा पर दिए गए उनके बयान को सदन के रिकॉर्ड से हटा दिया गया है, लेकिन जब भी मौका मिलेगा, वे अपनी बात रखेंगे।




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