✔️ महाराष्ट्र के किसान पुत्र नीलकृष्ण गजरे ने JEE Mains 2025 में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर पूरे देश में मिसाल कायम की। अनुशासन, प्राणायाम और 10 घंटे की पढ़ाई के दम पर नीलकृष्ण ने यह सफलता अर्जित की। उनका सपना IIT Bombay में दाखिला लेकर वैज्ञानिक बनना है।

➡️ गांव से निकलकर JEE टॉपर बनने तक का सफर
महाराष्ट्र के वाशिम जिले के बेलखेड़ गांव के रहने वाले नीलकृष्ण गजरे ने कड़ी मेहनत और अनुशासन के बल पर JEE Mains 2025 में AIR-1 हासिल किया। वह श्री ज्ञानेश्वर मास्कुजी बुंगले साइंस एंड आर्ट्स कॉलेज, शेगांव में पढ़ाई कर रहे हैं। नीलकृष्ण के पिता निर्मल गजरे एक किसान हैं और उनकी सफलता से पूरे परिवार में खुशी की लहर है।
🟪 नीलकृष्ण का अनुशासित रूटीन: 4 AM प्राणायाम और 10 घंटे स्टडी
नीलकृष्ण की दिनचर्या बेहद अनुशासित है। वे सुबह 4 बजे उठकर दो घंटे पढ़ाई करते हैं, फिर प्राणायाम करने के बाद 8:30 बजे से फिर से पढ़ाई में जुट जाते हैं। उनका मानना है कि प्राणायाम से मानसिक शांति मिलती है और पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ती है। वे पूरे दिन का टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई करते थे और कभी भी डिसिप्लिन से समझौता नहीं किया।
🟥 खेलकूद में भी आगे, राष्ट्रीय स्तर के तीरंदाज रहे हैं नीलकृष्ण
पढ़ाई के साथ-साथ नीलकृष्ण खेलकूद में भी आगे रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय और जिला स्तर पर तीरंदाजी प्रतियोगिताओं में भाग लिया। इससे उनकी फोकस और एकाग्रता बढ़ी, जो JEE की तैयारी में बेहद मददगार साबित हुई।
🟩 IIT Bombay से वैज्ञानिक बनने का सपना
नीलकृष्ण का सपना IIT Bombay में दाखिला लेकर वैज्ञानिक बनना और भारत के लिए नई तकनीकों पर काम करना है। उनके पिता का कहना है कि वे चाहते हैं कि उनका बेटा सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि जीवन में भी सफल बने।
📌 लगातार मेहनत और सही रणनीति से पाई सफलता
नीलकृष्ण ने हर दिन 10 घंटे पढ़ाई का लक्ष्य रखा और उसे पूरा किया। उन्होंने टाइम टेबल को सख्ती से फॉलो किया और हमेशा सकारात्मक सोच रखी। उनका मानना है कि सफलता के लिए अनुशासन, कड़ी मेहनत और सही मानसिकता जरूरी है।









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