Highlighted Words: गाजा, इजरायल, सैन्य शासन, हमास, नेतन्याहू
इजरायल की नई नीति से गाजा पर मंडरा रहा सैन्य शासन का खतरा
गाजा पट्टी एक बार फिर गंभीर संकट की ओर बढ़ रही है। हाल के घटनाक्रमों के अनुसार, इजरायल अपने पुराने रुख से हटकर अब गाजा पर पूर्ण सैन्य शासन लागू करने पर विचार कर रहा है। इससे क्षेत्रीय राजनीति में भारी उथल-पुथल हो सकती है और गाजा के लाखों निवासियों के लिए हालात और खराब हो सकते हैं।

इजरायल के मंत्री ने दिए संकेत
इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सा’र ने हाल ही में कहा कि अभी तक इस पर कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है। हालांकि, इजरायली सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है। इस बीच, इजरायल के सामरिक मामलों के मंत्री रॉन डर्मर इस हफ्ते वाशिंगटन में अमेरिकी अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे।
बदलते हालात और ट्रंप फैक्टर
इजरायल की नीति में यह बदलाव नई सैन्य नेतृत्व टीम और संभावित अमेरिकी राजनीतिक परिदृश्य के चलते हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के संभावित सत्ता में वापसी को देखते हुए इजरायल अपने रुख को सख्त कर रहा है।
गाजा में सैन्य शासन की योजना
रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल गाजा को कई हिस्सों में बांटकर स्थायी सैन्य नियंत्रण स्थापित कर सकता है। इसमें प्रमुख रणनीतियां शामिल हो सकती हैं:
- हमास के प्रभाव को खत्म करना
- गाजा के बंदरगाहों और समुद्री क्षेत्रों पर कब्जा
- स्थायी सैन्य शिविरों की स्थापना
इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने हाल ही में कहा कि यदि हमास ने बंधकों को रिहा नहीं किया, तो इजरायल गाजा पर स्थायी कब्जा कर सकता है।
बढ़ता मानवीय संकट
गाजा पहले से ही भारी तबाही झेल रहा है। 45,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं। सैन्य शासन लागू होने से खाद्य संकट, पानी की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और गंभीर हो सकती है।
निष्कर्ष
इजरायल की बदली रणनीति से गाजा और पूरे मध्य पूर्व में अशांति बढ़ने की आशंका है। यदि इजरायल सैन्य शासन लागू करता है, तो इसका असर न केवल गाजा, बल्कि पूरी दुनिया की भू-राजनीति पर पड़ेगा।









Leave a Reply