सुजलॉन एनर्जी के शेयर में जबरदस्त तेजी! मोतीलाल ओसवाल ने बताया टारगेट प्राइस
Suzlon Energy के शेयरों ने बीते साल सिर्फ छह महीने में 135% से ज्यादा रिटर्न दिया था, जिससे निवेशकों को जबरदस्त फायदा हुआ। हाल ही में यह स्टॉक अपने 52-वीक हाई से करीब 46% तक गिरने के बाद अब रिकवरी कर चुका है। इस बीच, देश की नामी ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने सुजलॉन पर अपनी सकारात्मक राय दी है और इसे विंड एनर्जी सेक्टर में शानदार निवेश अवसर बताया है।

सुजलॉन एनर्जी के लिए मोतीलाल ओसवाल का टारगेट प्राइस
मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, भारत के रिन्यूएबल एनर्जी मिक्स में विंड एनर्जी की हिस्सेदारी 20% तक हो सकती है। जबकि, अमेरिका और जर्मनी में यह 39%, चीन में 33%, और यूके में 42% है। इसका मतलब है कि भारत में विंड एनर्जी की तेजी से ग्रोथ की संभावना बनी हुई है।
सुजलॉन बनाम प्रतिद्वंद्वी कंपनियां
- Suzlon Energy: 15 GW इंस्टॉल्ड कैपेसिटी
- Siemens Gamesa: 8.9 GW
- Vestas: 3.4 GW
- Inox Wind: 3.1 GW
स्पष्ट है कि सुजलॉन अपने प्रतिस्पर्धियों से काफी आगे है और Renew Energy Services के अधिग्रहण से इसकी स्थिति और मजबूत हुई है।
भविष्य में कितना बढ़ सकता है सुजलॉन का रेवेन्यू?
Suzlon Energy ने वित्त वर्ष 2025 में 4 GW विंड एनर्जी इंस्टॉलेशन का लक्ष्य रखा है, जो वित्त वर्ष 2026 में 6 GW और 2027 से हर साल 7-8 GW तक बढ़ सकता है। मोतीलाल ओसवाल का अनुमान है कि 2027 तक इसका ऑर्डर बुक एग्जीक्यूशन 3.2 GW तक पहुंच सकता है।
- ग्रॉस मार्जिन: FY24 में 19.5%, जो FY27 में 22% तक बढ़ सकता है।
- रेवेन्यू ग्रोथ (CAGR FY24-27): 51% प्रति वर्ष
- EBITDA ग्रोथ: 52% CAGR
- नेट प्रॉफिट ग्रोथ: 63% CAGR
निष्कर्ष
मोतीलाल ओसवाल के अनुसार, सुजलॉन एनर्जी भारत के विंड एनर्जी सेक्टर में लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के लिए एक मजबूत खिलाड़ी है। अगर यह कंपनी अपने अनुमानित लक्ष्यों को हासिल कर लेती है, तो इसके शेयरों में मजबूत तेजी देखने को मिल सकती है।









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