कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने सरकारी ठेकों में मुस्लिमों को 4% आरक्षण देने का प्रावधान किया है, जिससे राजनीतिक घमासान मच गया है। भाजपा पहले ही इस फैसले का विरोध कर रही थी, लेकिन डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बयान ने विवाद को और भड़का दिया।
डीके शिवकुमार का बयान और संसद में बवाल
डीके शिवकुमार ने कहा कि यह फैसला मुस्लिम समुदाय को आरक्षण देने की दिशा में पहला कदम है और भविष्य में इसके लिए संविधान संशोधन भी किया जा सकता है। उनके इस बयान के बाद संसद में हंगामा शुरू हो गया।

भाजपा ने कांग्रेस पर बोला हमला
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस संविधान बदलने की बात कर रही है, जो डॉ. अंबेडकर का अपमान है। उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस नेतृत्व डीके शिवकुमार के बयान का समर्थन करता है?
संविधान और मुस्लिम आरक्षण पर बहस
रिजिजू ने यह भी कहा कि मुस्लिम आरक्षण का मुद्दा 1947 में खारिज कर दिया गया था, क्योंकि आरक्षण सिर्फ सामाजिक और आर्थिक आधार पर ही दिया जा सकता है, न कि धार्मिक आधार पर।
राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़
इस मुद्दे को लेकर लोकसभा और राज्यसभा दोनों में जबरदस्त हंगामा हुआ, जिससे सदन स्थगित करना पड़ा। भाजपा ने कांग्रेस से आधिकारिक स्पष्टीकरण मांगा है कि क्या वे सच में संविधान संशोधन करके मुस्लिम आरक्षण लागू करना चाहते हैं?
➡ क्या कांग्रेस संविधान में बदलाव कर मुस्लिमों को आरक्षण देगी? इस विवाद पर आपकी क्या राय है? हमें कमेंट में बताएं!









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