Highlighted Words: उत्तर कोरियाई सैनिक, रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिका, पुतिन, सैन्य सहयोग
उत्तर कोरियाई सैनिकों की वजह से और लंबा हुआ रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिका ने पुतिन से की बड़ी मांग
रूस-यूक्रेन युद्ध तीन साल बाद भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में इस संघर्ष ने एक नया मोड़ लिया है, क्योंकि अमेरिका ने पहली बार आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि उत्तर कोरियाई सैनिक रूस के लिए लड़ रहे हैं।

अमेरिका ने जताई चिंता
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उत्तर कोरियाई सैनिकों की तैनाती से युद्ध और भयावह हो गया है। अमेरिकी प्रवक्ता टैमी ब्रूस के मुताबिक, ये सैनिक युद्ध को और लंबा कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ रही है।
कैसे लड़ते हैं उत्तर कोरियाई सैनिक?
रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्तर कोरियाई सैनिकों का युद्ध कौशल बेहद आक्रामक और आत्मघाती है। वे दुश्मन के हाथों पकड़े जाने से बचने के लिए खुद के नीचे ग्रेनेड फोड़कर आत्महत्या तक कर लेते हैं। इसके अलावा, वे अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी बॉडी आर्मर और हेलमेट तक हटा देते हैं ताकि तेज गति से हमला कर सकें।
रूस-उत्तर कोरिया का सैन्य गठजोड़
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 के अंत में रूस और उत्तर कोरिया के बीच सैन्य सहयोग की शुरुआत हुई थी। पहले रूस ने संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों के तहत उत्तर कोरिया पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे, लेकिन बाद में युद्ध के चलते रूस ने उत्तर कोरिया से हथियार और सैनिक लेना शुरू कर दिया।
पुतिन-किम की मुलाकात के बाद बढ़ी साझेदारी
2024 में व्लादिमीर पुतिन ने प्योंगयांग जाकर किम जोंग-उन से मुलाकात की, जिसके बाद दोनों देशों के बीच एक रणनीतिक साझेदारी समझौता हुआ। इस समझौते के तहत, अगर किसी देश पर युद्ध की स्थिति आती है, तो वे एक-दूसरे की मदद करेंगे। इसके कुछ महीनों बाद ही उत्तर कोरियाई सैनिक रूस के लिए लड़ते हुए नजर आए।
अमेरिका ने रूस से की ये बड़ी मांग
अमेरिका ने रूस से तुरंत उत्तर कोरिया से सैन्य मदद लेना बंद करने की मांग की है। वाशिंगटन का मानना है कि इस गठबंधन की वजह से युद्ध और लंबा हो रहा है, जिससे वैश्विक स्थिरता को खतरा हो सकता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि रूस-अमेरिका के बीच इस मुद्दे पर क्या नया मोड़ आता है।









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