डोनाल्ड ट्रंप की कूटनीतिक चाल से गिर सकते हैं कच्चे तेल के दाम!
अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस-यूक्रेन युद्ध को एक महीने के लिए रोकने की रणनीति से अंतरराष्ट्रीय बाजार में रूसी कच्चे तेल की सप्लाई बढ़ सकती है। इसके चलते, Goldman Sachs का अनुमान है कि कच्चे तेल की कीमतें 71 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ सकती हैं, जिससे खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है।
खाड़ी देशों का मुनाफा घटेगा?
वर्तमान में रूस का कच्चा तेल बाजार में सीमित रूप से उपलब्ध है, जिसके कारण खाड़ी देशों से आने वाले कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई थीं। लेकिन, अगर रूस का तेल इंटरनेशनल मार्केट में अधिक मात्रा में उपलब्ध हो जाता है, तो इससे तेल की कीमतों में भारी गिरावट हो सकती है।

रूस के तेल एक्सपोर्ट का बड़ा खेल
2023 में रूस ने 122 बिलियन डॉलर का कच्चा तेल एक्सपोर्ट किया, जिसमें से चीन को 60.7 बिलियन डॉलर और भारत को 48.6 बिलियन डॉलर का तेल बेचा गया। अगर रूसी तेल बाजार में तेजी से उपलब्ध होता है, तो खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के दाम
- दिल्ली: पेट्रोल ₹94.77, डीजल ₹87.89
- मुंबई: पेट्रोल ₹106.52, डीजल ₹91.89
- बैंगलोर: पेट्रोल ₹102.92, डीजल ₹88.99
- हैदराबाद: पेट्रोल ₹107.46, डीजल ₹95.70
निष्कर्ष:
डोनाल्ड ट्रंप की यह रणनीति और रूसी तेल की सप्लाई बढ़ने का असर सीधे ग्लोबल मार्केट और खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। अगर Goldman Sachs की भविष्यवाणी सही साबित हुई, तो मुस्लिम बहुल खाड़ी देशों के लिए यह बड़ा झटका हो सकता है।




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