हाइलाइट्स:
- सोने की कीमत 500 रुपये बढ़कर 91,250 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए ऑलटाइम हाई पर।
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने के दाम 3,028.49 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे।
- अमेरिका में आर्थिक मंदी की आशंका और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर कटौती की उम्मीद से सोने की कीमतों को बढ़ावा।
- पश्चिम एशिया में अस्थिरता और चीन के आर्थिक प्रोत्साहन से निवेशकों की सुरक्षित निवेश के रूप में सोने में रुचि बढ़ी।
- चांदी भी अपने 1,02,500 रुपये प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक उच्चस्तर पर स्थिर।

समाचार विस्तार से:
दिल्ली-एनसीआर के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतें नई ऊंचाइयों पर पहुंच गई हैं। सोमवार को 99.9% शुद्धता वाला सोना 1,300 रुपये की तेजी के साथ 90,750 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा था, जो अब 500 रुपये और बढ़कर 91,250 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड पर पहुंच गया है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी के अनुसार, अमेरिकी आर्थिक मंदी की आशंका, ट्रंप की नीतियों और वैश्विक अनिश्चितता के कारण निवेशक सोने को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं। इसके अलावा, फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दरों में कटौती भी कीमतों को समर्थन दे रही है।
एलकेपी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक जतीन त्रिवेदी ने बताया कि पश्चिम एशिया में अस्थिरता और चीन की आर्थिक नीतियां भी सोने की मांग को बढ़ावा दे रही हैं।
ग्लोबल मार्केट पर असर:
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना 3,028.49 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। इसी तरह, कॉमेक्स सोना वायदा 3,037.26 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।
विशेषज्ञों की राय:
अबंस फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के CEO चिंतन मेहता के अनुसार, अमेरिकी अर्थव्यवस्था की अनिश्चितता के कारण सोने में निवेश बढ़ा है। निवेशक अब फेडरल रिजर्व के आगामी नीतिगत फैसलों पर नजर बनाए हुए हैं।









Leave a Reply