आमला: अपर जिला न्यायाधीश आमला कोर्ट ने एक अनूठा फैसला सुनाते हुए पति-पत्नी के बीच हुए तलाक को निरस्त कर दिया। बेटे की गवाही को इस निर्णय का आधार माना गया।

2013 में शुरू हुआ था विवाद
- प्रेम विवाह करने के बाद पति-पत्नी में विवाद हुआ, जिसके चलते पत्नी ने तलाक की याचिका दायर की।
- पत्नी ने पति पर शराब की लत और परिवार की जिम्मेदारी न निभाने के आरोप लगाए।
- पति ने भी पत्नी पर झूठे आरोप लगाने और सोशल मीडिया पर निजी जानकारी सार्वजनिक करने का आरोप लगाया।
बेटे की गवाही बनी महत्वपूर्ण
- पति ने एकपक्षीय तलाक के खिलाफ अपील की, क्योंकि उनका बेटा माता-पिता दोनों के साथ रहना चाहता था।
- कोर्ट ने पाया कि बच्चे को अपनी मां से लंबे समय तक मिलने नहीं दिया गया।
- सोशल मीडिया पर तथ्यों से स्पष्ट हुआ कि पति-पत्नी के बीच कोई गंभीर विवाद नहीं था।
कोर्ट ने दिया पुनर्मिलन का अवसर
इस फैसले से परिवार के पुनर्मिलन की उम्मीद जगी है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनवाई का अवसर देकर फैसला सुनाया।









Leave a Reply