हाइलाइट्स:
✅ मार्क कार्नी बने कनाडा की लिबरल पार्टी के नए नेता और अगले प्रधानमंत्री।
✅ इमिग्रेशन पर सख्त रवैया – अस्थायी रूप से सीमित रखेंगे प्रवासन स्तर।
✅ अमेरिका के टैरिफ युद्ध पर हमला – कनाडा को 51वां राज्य बनने का विचार किया खारिज।
✅ भारत के साथ रिश्ते सुधारने की इच्छा – व्यापारिक संबंधों में विविधता लाने पर जोर।
✅ अवैध भारतीय प्रवासियों पर नहीं दिया स्पष्ट बयान – नीतियों में बड़े बदलाव की संभावना कम।
क्या कनाडा में रह रहे अवैध भारतीयों पर होगी सख्ती?

कनाडा न्यूज़: कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इमिग्रेशन पॉलिसी को लेकर बड़ा बयान दिया है, जिससे भारतीय प्रवासियों के लिए चिंता बढ़ सकती है। हालांकि, उन्होंने अभी तक अवैध भारतीय प्रवासियों को बाहर निकालने को लेकर कोई ठोस बयान नहीं दिया है।
क्या ट्रंप की राह पर चलेंगे कार्नी?
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सख्त इमिग्रेशन नीति के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या कनाडा भी इसी राह पर चलेगा? हालांकि, इमिग्रेशन विश्लेषक दर्शन महाराजा के अनुसार, कार्नी की प्राथमिकता इस समय अमेरिका के साथ चल रहा टैरिफ विवाद है, जिससे उनके इमिग्रेशन नीतियों में कोई बड़ा बदलाव करने की संभावना कम है।
भारत-कनाडा संबंधों में नया मोड़
पिछले प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में भारत और कनाडा के संबंधों में तनाव देखने को मिला था, खासकर खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के आरोपों को लेकर। लेकिन मार्क कार्नी ने संकेत दिया है कि वह भारत के साथ व्यापारिक और कूटनीतिक संबंध सुधारना चाहते हैं।
क्या भारतीय प्रवासियों को चिंता करनी चाहिए?
फिलहाल, मार्क कार्नी की प्राथमिकता आर्थिक विकास और आवास संकट का समाधान करना है। जब तक कनाडा का इमिग्रेशन स्तर कोविड-19 से पहले वाले स्तर तक नहीं पहुंचता, तब तक इसे सीमित रखा जाएगा।
निष्कर्ष:
अभी तक मार्क कार्नी ने अवैध भारतीयों को देश से बाहर निकालने का कोई संकेत नहीं दिया है। लेकिन अगर वह इमिग्रेशन को सीमित करने की नीति अपनाते हैं, तो भारतीय प्रवासियों को सतर्क रहने की जरूरत होगी।









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